हिन्दू धर्म में भगवान शिव को समर्पित शिव चालीसा अत्यंत लोकप्रिय और पवित्र स्तोत्र है। भगवान शिव की कृपा, मानसिक शांति, और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए शिव चालीसा का नियमित पाठ किया जाता है। विशेषकर सावन मास, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
📜 शिव चालीसा लिरिक्स (Shiv Chalisa in Hindi)
दोहा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयादस दास तुम, देहु अभय वरदान॥
चौपाई
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भला भाल चन्द्रमा सोहे। शशि जनु राजत नयन मोहे॥
सूगल सोहत कुण्डलमानी। सुन्दर विग्रह अमित पुरानी॥
नन्दी भृंग सब साथ बिराजै। गिरिजा चरणन सदा बिराजै॥
नख मयूर चर्म चहुं ओरा। भस्म लगावत सुन्दर गोरा॥
कानन कुण्डल नाग फन आसा। अंग विभूति भेष ब्रजबासा॥
प्रभु दुरितनिवारण सुखकारी। आदि अनादि जगत हितकारी॥
शिव महिमा अपरम्पार। तेहि गावत ब्रह्मा मुरारि॥
सुनतहिं तुमरी सेवा जोई। ता पर कृपा सकल जग होई॥
अद्भुत रूप धरयौ हर जट्टा। चन्द्र कला लखि सुरन लज्जा॥
शंख चक्र नहिं गदा विराजे। त्रिशूल कर डमरू सुख साजे॥
अमरनाथ तुम शम्भु प्रतापी। काशीपति अविनाशी पापी॥
सती के रूप कीन्ह जब भंगा। तप कर कीन्ह धरे तब गंगा॥
दक्ष यज्ञ विध्वंस निहारा। महाभयंकरी रूप तुम्हारा॥
संतत जन के संकट टारै। भव बंधन से मुक्त करै॥
जो कोउ चालीसा पाठ करै। सब सुख पावै मन फल धरै॥
प्रातः काल उठि जो सुमिरै। दुख दरिद्र सब दूरिहिं जाइ॥
करत पाठ जो नेम चित लावै। जन्म-मरण के बंधन छोड़ावै॥
दोहा
नित्य नेम कर प्रात ही, पाठ करै चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
✨ शिव चालीसा पाठ के मुख्य लाभ
- मानसिक शांति और एकाग्रता: शिव चालीसा के पाठ से मन को असीम शांति मिलती है और मानसिक तनाव दूर होता है।
- संकटों से मुक्ति: भगवान शिव अपने भक्तों के सभी संकटों और दरिद्रता को दूर करते हैं।
- आरोग्य और लंबी आयु: इसके नियमित पाठ से अच्छे स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।




