आज का महत्व: चतुर्थी तिथि और ग्रहों की स्थिति
आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन किए गए कार्यों का सीधा प्रभाव माना जाता है। आज **माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि** सुबह 06:55 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। माघ का महीना स्वयं में तप, संयम और आत्म-शुद्धि का प्रतीक है, और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि विशेष रूप से बाधाओं के नाश और कर्मों के अवरोधों को दूर करने से जुड़ी होती है। आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि चतुर्थी तिथि भगवान गणेश से संबंधित है और बुधवार का दिन बुद्धि, व्यवसाय और वाणी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आज का पंचांग उन लोगों के लिए विशेष फलदायक है जो अपने काम में बाधाओं का सामना कर रहे हैं या निर्णय लेने में भ्रमित हैं।
आज का दिन मानसिक स्थिरता प्राप्त करने और कार्यों में सफलता पाने के लिए अनुकूल है। आज चंद्रमा **सिंह राशि** में स्थित है और **मघा नक्षत्र** का प्रभाव है। मघा नक्षत्र का संबंध पूर्वजों, वंश और उनके आशीर्वाद से है। इसीलिए आज का दिन न केवल व्यक्तिगत बल्कि पारिवारिक मामलों पर भी प्रभाव डालता है। आइए जानते हैं **छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित सौरभ त्रिपाठी** के अनुसार आज का पंचांग, व्रत, उपाय और शुभ संयोग, ताकि भगवान गणेश की कृपा से जीवन की समस्याओं का निवारण हो सके और कार्य में सफलता प्राप्त हो सके।
बुधवार का दिन और बुध ग्रह का प्रभाव
बुधवार का दिन **बुध ग्रह** को समर्पित है, जो संज्ञान, वाणी, व्यवसाय और गणनाओं का कारक माना जाता है। जिन लोगों के जन्मकुंडली में बुध कमजोर होता है, उन्हें निर्णय लेने में अक्सर भ्रम का सामना करना पड़ता है। कई बार वे कहना चाहते हैं कि कुछ अच्छा हो, लेकिन बुध के प्रभाव के कारण उनकी बातें गलत साबित होती हैं। बुध ग्रह हमेशा व्यक्ति की वाणी में कड़वाहट और व्यवसाय में अस्थिरता लाता है। ऐसे में आज का दिन बुध को सशक्त बनाने के लिए बहुत उपयुक्त है। भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और विवेक का देवता माना जाता है, इसलिए आज बुध और भगवान गणेश दोनों की कृपा प्राप्त करने का यह एक शुभ अवसर है।
मघा नक्षत्र और उसके विशेष गुण
आज चंद्रमा मघा नक्षत्र में है। ज्योतिष में मघा नक्षत्र को शक्ति, नेतृत्व और परंपरा से जोड़ा गया है। यह नक्षत्र विशेष रूप से पूर्वजों से संबंधित कार्यों के लिए फलदायक माना जाता है, जिससे यह ज्योतिष में एक शक्तिशाली नक्षत्र बनता है। मघा नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति में राजा जैसे वैभव का आभास होता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति आध्यात्मिकता में गहरी रुचि रखता है। यह नक्षत्र अपने पूर्वजों की विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। लोग आत्मविश्वासी, प्रभावशाली और जिम्मेदार बनते हैं। यह नक्षत्र व्यक्ति को अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना सिखाता है। चूंकि यह नक्षत्र पूर्वजों के देवताओं द्वारा शासित होता है, इसलिए इसमें पूर्वजों की पूजा और श्राद्ध अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है।
आज के उपाय: 7 जनवरी 2026
आज के दिन को और विशेष बनाने के लिए आप भगवान गणेश और अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।
- आज **11 दूर्वा** पर लाल चंदन लगाकर भगवान गणेश को अर्पित करें।
- आज कम से कम **108 बार** “ॐ गण गणपतये नमः” का जाप करें।
- एक जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग या हरी वस्त्र दान करें।
- एक और ताजगी भरा उपाय है, **एक और एक चौथाई पाव हरी मूंग उबालकर गाय को खिलाना**, इससे बुध का दुष्प्रभाव दूर होता है।
- पूर्वजों के नाम से जल अर्पित करें या यदि संभव हो तो तर्पण करें।
अंत में
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