Holika Dahan 2026 Date: कब है होलिका दहन 2026?
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण और भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए तिथि में परिवर्तन किया गया है।
क्यों बदली Holika Dahan 2026 की तारीख?
होलिका दहन हमेशा फाल्गुन पूर्णिमा की रात, भद्रा रहित समय में किया जाता है। वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:15 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च को शाम 4:33 बजे तक रहेगी।
लेकिन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा का प्रभाव रहेगा। शास्त्रों के अनुसार:
- भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है।
- ग्रहण काल के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
इसी कारण धार्मिक दृष्टि से 2 मार्च 2026 की रात को होलिका दहन करना अधिक शुभ और उचित माना गया है।
Holika Dahan 2026 शुभ मुहूर्त
🔹 फाल्गुन पूर्णिमा तिथि
- प्रारंभ: 2 मार्च 2026, शाम 5:15 बजे
- समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 4:33 बजे
🔹 होलिका पूजन मुहूर्त
- 2 मार्च 2026, सुबह 6:16 बजे से शाम 4:45 बजे तक
इस समय के दौरान महिलाएं और परिवार के सदस्य विधि-विधान से होलिका पूजन कर सकते हैं।
🔹 होलिका दहन समय
- 2 मार्च 2026, सोमवार की रात
(भद्रा रहित और धार्मिक दृष्टि से शुभ समय)
Holika Pujan 2026: पूजा विधि
होलिका पूजन के दौरान निम्न सामग्री अर्पित की जाती है:
- रोली
- अक्षत
- मौली
- गुड़
- साबुत हल्दी
- मूंग
- नारियल
- नई फसल की बालियां
सबसे पहले होलिका की विधिवत पूजा की जाती है, फिर शुभ मुहूर्त में रात्रि के समय होलिका दहन किया जाता है।
Holika Dahan का धार्मिक महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व भक्त प्रह्लाद की कथा से जुड़ा हुआ है, जिसमें भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद की रक्षा हुई और होलिका अग्नि में भस्म हो गई।
इस दिन अग्नि में अपनी नकारात्मकता, बुरी आदतें और दुर्भावनाएं समर्पित कर नई सकारात्मक शुरुआत का संकल्प लिया जाता है। मान्यता है कि सही तिथि और शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करने से:
- घर में सुख-समृद्धि आती है
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- परिवार में शांति और खुशहाली बनी रहती है
निष्कर्ष: कब करें Holika Dahan 2026?
यदि आप भी Holika Dahan 2026 Date को लेकर भ्रमित हैं, तो स्पष्ट रूप से जान लें कि वर्ष 2026 में होलिका दहन 2 मार्च 2026 को किया जाएगा।
3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा के कारण उस दिन होलिका दहन संभव नहीं है। इसलिए 2 मार्च को दिन में पूजा करें और रात में विधि-विधान से होलिका दहन करें। अगले दिन रंगों का त्योहार होली पूरे उत्साह के साथ मनाएं।
इस होली पर शुभ मुहूर्त में होलिका दहन कर अपने जीवन से नकारात्मकता दूर करने और सुख-समृद्धि लाने का संकल्प जरूर लें।
