Author: Lokesh Singh
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हनुमान अष्टक गान के लाभ: संकट मोचन हनुमान अष्टक के महत्व को जानें
हनुमान अष्टक: संकट मोचन हनुमान अष्टक हनुमान अष्टक, जिसे संकट मोचन हनुमान अष्टक भी कहा जाता है, एक पवित्र भक्तिमय हिम्न है जिसे महान संत गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था। यह भगवान हनुमान की महिमा…
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2025 में 50+ गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं और उद्धरण
Ganesh Chaturthi 2025: भगवान गणेश के उत्सव का जश्न भारत और इसके पारे गणेश चतुर्थी 2025 का उत्सव भक्ति, खुशी और रंगीन परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्म का उल्लेख…
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2025 में रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त: राखी बांधने का सही समय, भद्रा और राहु काल की जानकारी
रक्षा बंधन 2025: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी रक्षा बंधन शुभ मुहूर्त एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो भाई-बहन के बीच एक अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने…
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जन्माष्टमी विशेष: माखन मिश्री प्रसाद तैयार करने की विधि
माखन मिश्री भोग रेसिपी कृष्ण के लिए यह माखन मिश्री भोग रेसिपी मानसिक महत्व रखती है और भक्ति और सादगी से बनाई जाती है। माखन और मिश्री हिंदू अनुष्ठानों में पवित्र ऑफरिंग हैं जो श्री…
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दही हांडी 2025: तारीख, इतिहास, महत्व, उत्सव और सभी जानकारी
दही हांडी 2025: एक सांस्कृतिक महोत्सव दही हांडी, जो 16 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा, सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है बल्कि यह लोगों को एक साथ लाने वाला एक सांस्कृतिक उत्सव है। भगवान कृष्ण…
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2025 के हरतालिका तीज के लिए 10+ नए शैलीशील मेहंदी डिजाइन
होम » त्योहार » हरतालिका तीज 2025 के लिए 10+ नए स्टाइलिश मेहंदी डिजाइन हरतालिका तीज 2025 के लिए 10+ ट्रेंडी और स्टाइलिश मेहंदी डिजाइन की खोज करें। अरबिक से फ्लोरल, मोर पक्षी से मंडला…
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Pitru Paksha 2025: तिथियाँ, महत्व, सामग्री सूची और तिथि सूची
2025 में पितृ पक्ष (श्राद्ध) एक 15-दिवसीय अवधि है जिसमें हमारे पूर्वजों को सम्मानित किया जाता है। पितृ पक्ष (श्राद्ध) 2025 में हमारे पूर्वजों को समर्पित करने के लिए एक 15-दिवसीय अवधि है। यह रविवार,…
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Shardiya Navratri 2025: तिथियाँ, अनुष्ठान, उपवास नियम और महत्व
होम » उत्सव » शारदीय नवरात्रि 2025: तिथियाँ, आचरण, उपवास नियम और महत्व Shardiya Navratri 2025 Date: शारदीय नवरात्रि 2025 सोमवार, 22 सितंबर से गुरुवार, 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा, जो विजयदशमी (दशहरा) के साथ…
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हनुमान आरती के बोल: इस भक्तिमय गान के महत्व को जानें
हनुमानजी की आरती हनुमान लला की आरती कीजैं।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जिसके बल से गिरिवर कांपते हैं।रोग-दोष उसके पास नहीं जाते॥ अंजनी पुत्र, महा बलदाई।संतों के प्रभु, सदा सहायी॥ वीर हनुमान ने रघुकुल के…
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श्री बजरंग बाण: पाठ विधि और जानें इसके लाभ
बजरंग बाण: हनुमान जी का अद्भुत कार्य हनुमान जी की उपासना और भक्ति का महत्व अपरंपार है। उनके बजरंग बाण का पाठ करने से दुष्ट शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। यह साधकों को सुख, समृद्धि,…